मेरा बलौगिंग का सफ़र – My Blogging Journey – Imdishu

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परिचय 
यह ब्लॉग www.imdishu.com मैंने (दिशु पंवर) बनाई है और यह ब्लॉग 2016 में बनाई गयी थी जिसका मकस्द लोगो को प्रतिदिन नयी चिजे सिखाना है। और मैं अपने मुकाम की तरफ धीरे – धीरे बढ़ भी रहा हुं। रोज हजारो लोग हमसे जुड़ते है यही सबुत है कि मैने जो सपना देखा था वह साकार हो रहा है।

कैसे रखा ब्लॉग जगत में कदम
हैलो दोस्तो आज मैं आपको अपने बलौगिंग के सफर की कहानी बताने जा रहा हुं, तो बात उन दिनों की है जब मैं निराश था जिंदगी से, और लाइफ बोरिगं सी लगने लगी थी स्कुल की पढाई तो थी ही नहीं. तो घर में भी दिल नहीं लगता था फिर मैंने सोचा की क्यों न कुछ नया किया जाये , क्यों न कुछ एैसा किया जाये जो यहां पर मेरे सिवा कोई और नहीं कर सकता.
फिर एक दिन मैनें इंटरनेट पर सर्च किया “इंटरनेट से पैसे कमाने के तरीके“, तो रिज्लट में कई सारी बलौग्स आ गयी तो मैने उन्हें ओपन करके पढा कि बलौगिंग भी कोई चीज़ है जिससे पैसे कमाये जा सकते है , धीरे – धीरे मुझे यह भी पता चला कि गुगल में जब हम कुछ सर्च करते है तो 80% रिज्लट में बलौग्स ही आती है जिन्हे लोग वेबसाइट समझते है.

और फिर को मुझ पर अपनी एक खुद की बलौग बनाने का जुनुन सा सवार हो गया था तो मैनें पांच मिनेट में बलौग तैयार कर ली अब जब मैं एक बलौगर बन ही गया था तो परेशानियां तो आनी ही थी तो सबसे पहली परेशानी आयी एडसेंस के एपरुव होने की , बस एडसेस मेरी बलौग में कमियां बताता गया मैं उन्हे सुधारता गया ,

बलौग बनाने के बाद क्या किया
मैने बलौग को एक अच्छा और सिंम्पल डिज़ाइन दिया, और और जरुरी Widgets लगाये , पर अब दुसरी परेशानी आ गयी Insufficient Content की , तो मैं तो काफी परेशान हो गया कि यार एक तो मेहनत करके इतना सारा लिखा भी और उपर से ये लोग इसे Insufficient बता रहे है पर मैं हार मानने वाला कहां था अब मैने भी सोच लिया था कि इतनी मेहनत की है तो कुछ तो करके ही रहुंगा।

अगर सच्ची बात बताउं तो मेरा कोई मक्सद नहीं था बलौग से पैसा कमाने का मैं बस यह देखना चाहता था कि क्या वाकयी में लोग इंटरनेट से पैसा कमा सकते है , और मैं बस एक बार कुछ करके दिखना चाहता था कि मै भी कुछ कर सकता हुं यार ।

फिर तीसरी जो प्रॉब्लम थी वह थी भाषा की , मैं यह सोचने लगा कि शुद्ध हिंन्दी में मैं कहां लिख पाउंगा और इंग्लिश में लिखुंगा तो कहीं गलत न लिख दुं तो एक डर सा मेरे दिल में बस गया । वैसे मैं हिन्दी भाषा में लिखना तो काफी पहले से जानता हुं क्योंकि जब मैं 9th क्लास में पढता था तो अपने दोस्तो को अपने घरवालों के मॉबाइल से हिन्दी में ही मैसेज़ भेजता था क्योंकि उस समय हम नहीं जानते थे कि Hinglish भी कोई भाषा है.

तो मैनें एक दिन तक बस प्लानिंग की , कि मैं किस भाषा का चयन करुं , क्योंकि मैंने कहीं पढा था कि कुछ भी काम करने से पहले अगर प्लानिंग की जाये तो काम को अच्छ से पुरा किया जा सकता है ।

तो मैने यह प्लान तैयार किया कि – 
मैं इंग्लिश और हिन्दी दोनों में बलौगिंग करुंगा और हर तरह के विज़िटर मेरी बलौग पर आयेंगे और खुब पैसे कमाउंगा.

तो मैने लिखना शुरु कर दिया, और मैने अपने विज़ीटर सही सही जानकारियां प्रदान शुरु कर दी
और जो कार्य असंम्भव हो उसे करने के लिये भी प्रेरित करने लगा,
साथ ही जो कार्य मुश्किल होता था उसके लिये शोर्टकट बताने लगा
जिससे बहुत से लोग मुझे पसंद करने लगे थे और मैं भी खुश था काफी सारे लोगों नें मेरा फेसबुक पेज़ भी लाइक किया पर फिर मेरे दिल में एक बात आई कि यार मैं अपनी बलौग में Ads नहीं लगाउंगा बल्की Referral Links And Affiliate Marketing से पैसे कमाउंगा जिससे लोगो को मेरी बलौग पर कुछ पढने या ढुंडने मे कोई दिक्कत नहीं होगी और मैने यही करना शुरु कर दिया मैने अपनी बलौग पोस्ट में लिंक्स लगानी शुरु कि जिससे लोगो कि मदद होने लगी और मुझे इन्कम मिलने लगी.

पर कुछ तो था जो अधुरा था मुझे बस यही ख्याल सताये जा रहा था कि यार एैसा क्या है जो अधुरा है फिर काफी देर तक सोचने के बाद मुझे याद आया कि अरे हां ! मेरी बलौग में जो टेंम्पलेट है वो काफी स्लो चलता है और बहुत सारी लिंक्स दुसरी वेबसाइटों पर जाती है जैसे Contact Form , Subscribers , Facebook Follow Us Boxes , All Social Icons.
इन सभी में तो उन की लिंक्स थी जिसने यह टैंम्पलेट बनाया है.

मैं – अब क्या करुं यार ?

फिर मैनें इंटरनेट पर इसको चेंज करने के बारे में पढा पर गुगल तो टैंम्पलेट Edit करने के लिये कह रहा था तो मैनें भी कोशिश करनी शुरु कर दी पर टैंम्पलेट Edit नहीं हो पा रहा था क्योंकि बलौगर वेबसाइट पर टैंम्पलेट Edit करना और वह भी Mobile Phone में ?
मुझे यह बात कुछ अजीब लगी पर मैं हौंसला नहीं हारना चाहता था तो मैने अब इस पर अपनी रिसर्च शुरु कर दी क्योंकि मेरे पास कोई लैप्टॉप या Computer नहीं था.

तो आखिरकार पता चल ही गया कि प्ले-स्टोर पर एैसे सैंकडो एप्स है जिनपर हम टैंम्पलेट को Edit कर सकते है और वह भी बड़े आराम से बस HTML , Java, PHP , CSS जैसी भाषाओं की थोड़ी सी जानकारी होनी जरुरी है जोकि मुझमें थी ।
तो मैंने डाउनलोड़ किया Quick Edit एप , और शुरु कर दी टैंम्पलेट की Editing. अब मैं डर डर कर अपने Template को Edit कर रहा था क्योंकि यह मैं पहली बार जो कर रहा था , मैं किसी एक कोड़ को हटाकर वहां पर अपने कोड़ लिखकर सेव कर देता और बलौग पर अपलोड़ करके देख लेता था कि ठीक तो किया न ।

पर मैनें सब अच्छे से कर लिया हां कभी कभी Closing Tag लगाना भुल जाता था और बलौगर मुझे Error बताता तो मैं Confuse हो जाता कि यार अब सब तो सही किया है अब गड़बड कहां रह गयी होगी मैं सोचने लगा कि कहीं एैसा तो नहीं कि इसमें अपनी लिंक्स और कोड़ को लिखना Allow ही नहीं ? पर फिर ध्यान दिया तो देखा कि यार Closing Tag तो लगाया ही नहीं बलौगर क्या ख़ाख इसे अपलोड करेगा, तो दोस्तो हमें एैसे समय पर हिम्मत हारने कि नहीं बल्की ध्यान से काम करने की जरुरत होती है.
अब चलो यह काम तो पुरा हो गया था अब ध्यान में यह बात आई की यार दिशु देख हज़ारों बलौगर न इंटरनेट पर बलौगिंग के बारे में लिखा है तु अपना समय बर्बाद न कर , और मैने कुछ नया लिखने कि कोशिश की और एक नया टॉपिक मिल गया जिससे मैं लोगो की मदद करने वाला था.

कुछ नया लिखने के लिये विषय
टॉपिक था Free Promotions And Free Advertising Of Your Talent. इसका यह काम था कि मैं उन लोगो के बारे में लिखने वाला था जिनमें कोई खासियत थी और टैलेंट था तो मैंने कुछ लोगो को चुना जिन्हें मैं जानता नहीं था पर उनमें टैलेंट था कुछ सींगर थे और युट्युब पर अपनी Videos Upload करते थे तो मैने बस उनके बारे में लिखना शुरु किया और उनकी Videos को बलौग पोस्ट में Embedded कर दिया साथ ही उनके Facebook Page का Pop Up Like Box बनाकर उनकी पोस्ट में लगा देता जिससे उनके YouTube Views भी बढने लगे और Likes And Followers भी इससे मैं भी काफी खुश था क्योंकि मैं इससे उन लोगों को खुश कर पा रहा था जिनके लिये कोई कुछ नहीं करता, और वो लोग आज भी मुझे Thank You बोलते रहते है और वटसएप पर कुछ न कुछ भेजते ही रहते है.

मेरी बलौग का उद्देशय
मेरा बलौगिंग की यही मक्सद है कि बस लोगो के लिये कुछ करके उनके दिलों में जगह बनाना.
यह करने से मुझे फायदा भी हुआ अब लोग उनकी Posts को ज्यादा शेअर करने लगे थे जिससे मेरे Pageviews कभी कभी तो एक लाख तक हो जाते थे.
बस धीरे धीरे लोगों के लिये कुछ न कुछ करता रहुंगा और आपकी दुआएं लेता रहुंगा बस आप लोगो का साथ चाहिए , अब के लिये बस इतना ही , इस सफर की कहानी को लिखने का मक्सद यही है कि आप लोगो को हौंसला देना और बलौगिंग न छोड़ने के लिये प्रेरित करना. क्योंकि दोस्तो सफलता को एक ही दिन या रात में हासिल नहीं किया जा सकता बस आपको जरुरत है तो अपनी बलौग को थोड़ा समय देने की. और सच कहुं तो मेरी मेरी ब्लॉग में हिन्दी भाषा का चुनाव करना बस इसका सिर्फ और सिर्फ यही कारण रहा था कि मैं हिंन्दी भाषा को बढ़ावा देना चाहता था और हिंन्दी भाषा का प्रचार करना चाहता था और यह मेरा उद्देशय हमेशा रहेगा मैं इसी उद्देशय से आज भी हिंन्दी में ही लिखता हुं , मुझे हिंन्दी में लिखना इतना पसंद है कि मैं दिन में व्यस्त होते हुए भी तीन चार आर्टीकल लिख देता हुं और नियमित पोस्ट करता हुं यहि वजह है कि लोगों को मेरी बलौग पसंद है क्योंकि मैं हर रोज़ उनके लिये एक नया पोस्ट लेकर आता हुं जिससे उन्हे हर रोज़ कुछ नया सिखने का मौका मिलता है।

डोमेन लेना
जब मेरी बलौग पर डोमेन नहीं थी तो मैं काफी निराश महसुस करता था क्योंकि आर्थिक सम्सयाओं के चलते मैं डोमेंन नहीं ले पाया पर मैने कुछ न कुछ करके दो तीन महीनों में ही अपनी बलौग के लिये डोमेन ले ली फिर मेरी बलौग imdishu.blogspot.com की जगह www.imdishu.com हो गयी थी जिससे मैं बहुत ज्यादा खुश था और इस नाम (Imdishu) लेने की वजह एक ही है कि मैं यह लिखकर सबको बताना चाहता था कि मेरा मक्सद पैसे कमाना नहीं है मैं बस दिलों में जगह बनाने आया हुं , और मैने आजतक अपनी बलौग को बलौग नहीं समझा मैं इसे एक वेबसाइट ही मानता हुं जो मुझे खुशी देती है। 
डोमेंन लेने के बाद क्या किया 
मैंने सभी जगह से लिंक बदल दी जहां पर पुरानी लिंक्स थी ब्लॉगस्पॉट वाली , फिर एक नये तरिके से शुरु आत की , मैंने नये नये फोटो डिजाइन किये जिनमें www.imdishu.com लिखा , और पोस्टस में लगाये , डोमेन लेने के बाद मुझे बहुत अच्छा महसुस हुआ था मगर मेरे दिल में इस बात को लेकर चिंता थी कि होस्टिंग तो ली ही नहीं , पर मैंने यह तय किया कि मैं एक दिन होस्टींग भी लुंगा और अपनी बलोग के लिये और भी सभी जरुरी चिजें लुगा जिनसे मेरी ब्लॉग सुरक्षित रहे।

नये लोगो से दोस्ती 
ब्लॉगिंग में जब से आया हुं हर रोज़ नये लोगो से बात चीत होती रहती है हर रोज़ नये नये दोस्त बनते गये , कुछ लोग ब्लॉगर थे , कुछ प्रोग्रैमर थे , तो कुछ पाठक थे। मैं सबसे दोस्त की तरह बात करता रहा और सभी ने ठान ली थी कि हर रोज़ सुबह उठकर सबसे पहले मेरी ब्लॉक ओपन करके देखा करेंगे कि आज क्या नया पब्लिश किया दिशु ने । तो मुझे भी रेगुलर विज़िटर मिल चुके थे और कुछ लोगो का कहना है कि वो सभी जानबुझ कर भी विज्ञापनों पर क्लिक कर देते थे ताकि उनकी वजह से मेरी मदद हो सके , और मैं तह ए दिल से शुक्रगुज़ार हुं उन लोगो का जिन्होंने बुरे वक्त में मेरा साथ नहीं छोड़ा. और धन्यवाद आप लोगो का जो मेरे सफर में मेरे साथ जुड़े रहे ।

बहुत कुछ नया सिखा 
जी दोस्तो , मैं भी हर रोज़ इंटरनेट पर नयी नयी जानकारियों की तलाश करता रहता हुं आ, हां अभी भी , और उन्हे चुन चुन के इक्ट्टा करके आपके लिये लाता हुं हां यह सच है कि आपको सिखाने से पहले मैं खुद सीखता हुं क्योंकि मैं कम पढ़ा लिखा हुं तो कुछ ज्यादा नहीं जानता मगर मैंने कभी हिम्मत नहीं हारी , मैं जुटा रहा अपनी कामयाबी हासिल करने में , मगर अभी सफर आधा भी तय नहीं हुआ है , अभी बहुत दुर तक जाना है कुछ खोना है कुछ पाना है , अभी कहानी अधुरी है , अभी कुछ बनकर दिखाना है. मुझे कोई चिंता नहीं समय की मेरे पास समय ही समय है मैं इंतजार करुगां उस दिन का जो ख़ुदा ने मेरे लिये लिखा है इंतज़ार के सिवा कुछ और किया जा सकता है क्या ? हां मेहनत ! कड़ी मेहनत की जा सकती है , और यही मैं कर रहा हुं देखते हैं कितना समय लेती है मेरी मेहनत और कब मुझे मेरा दिन दिखलायेगी ।

कुछ सवालों के जवाब जो शायद पाठकों के मन में होंगे मेरे बारे में :
Q.1) Imdishu Kon Hai Or Kya Hai ?
Ans. Imdishu एक वेबसाइट है जो Online लोगो की मदद करती है और उनकी आवाज दुनिया तक पहुंचाती है.

Q.2) Imdishu Website Kisne Banayi ?
Ans. आय एम दिशु वेबसाइट Panwer Dishu ने बनाई 2016 में.

Q3) Panwer Dishu Kahan Se Hai / Kahan Ke Rehne Wale Hai ?
Ans. पंवर दिशु हिमाचल से है , मांगल गांव के रहने वाले है.

Q.4) Panwer Dishu Ne Kitni Padhayi Ki Hai ?
Ans. पवंर दिशु ने सिर्फ 11 कक्षा तक पढाई की है.

Q.5) Imdishu Be Koun Se Mobile Pe Blog Bnayi Thi ?
Ans : मैने बलौग Micromax Q346 में बनाई थी उस फोन का शीशा/Glass टुटा हुआ था , बैटरी 1700 MaH की थी जो आधे घंटे मे बी खत्म हो जाती थी और EarnPhone Slot खराब थी जिसकी वजह से Music नहीं सुन पाता था।

Q.6 Imdishu Ka Favorite Singer Kon Sa Hai ? 
Ans. Tere Bagair (Wafa) , Teri Berukhi ( Gazal By Jagjit Singh ).

Q.7 Dishu Ka Favorite Singer Kon Hai ? 
Ans. Bohemia.

Q.8 Dishu Ki Koi GF Hai ? 
Ans. नहीं , यह अभी जरुरी नहीं है.

Q.9 Panwer Dishu Ka Best Friend Kon Hai ?
Ans. मेरा बेस्ट फ्रैंड जितेन्द्र था पर अब नहीं हैं.

तो दोस्तो आज आपने पढ़ी मेरा ब्लॉगिंग का सफर (Mera Blogging Ka Suhana Safar ) जो कि मेरी ही कहानी है आशा करता हुं मेरी यह कहानी या सुहाना सफर आपको पसंद आया होगा , कई लोग है जो इस सफर में काफि अरसे से जुड़े हुए है उन लोगों से कहना चाहुगां कि “धन्यवाद मित्रों । आज जो कुछ भी हुं आपकी मेहरबानी है आपका साथ है ” 
हमसे युं ही जुडे़ रहिए और हमारी बलौग को बुकमार्क करना न भुलें व नियमित पोस्ट पढ़ें और हमारे सफर में जुड़ जायें. 

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